बंद कमरे में जदयू-भाजपा नेताओं की बातचीत, मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद सीटों के बंटवारे पर हुई चर्चा
पटना। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद के लिए सीटों पर बंटवारे की चर्चा के बीच गुरुवार को अचानक जदयू-भाजपा नेताओं की बैठक हुई। जदयू कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह से मिलने भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल पहुंचे। करीब आधे घंटे तीनों नेताओं की बंद कमरे में बातचीत हुई। कहा जा रहा है कि भाजपा और जदयू में अरुणाचल के घटना से जो खटास पैदा हुई है उसे दूर करने की कोशिश के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद के लिए सीटों के बंटवारे पर चर्चा हुई। हालांकि मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने इसे सिर्फ औपचारिक बातचीत बताया। साथ ही भूपेंद्र यादव के कहा कि बिहार में जदयू-भाजपा , हम और वीआईपी पार्टी की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में मजबूती से चल रही है। इसके अलावा कहा कि लोगों को कोरोना वैक्सीन देने के लिए बिहार समेत पूरे देश में मजबूती से तैयारी की जा रही है। जदयू और भाजपा के दोनों शीर्ष नेताओं ने इस मुलाकात को औपचारिक कहा लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दोनों नेताओं ने सिर्फ यही कहा कि कहीं कोई विवाद नहीं, समय से सब कुछ हो समय से जाएगा। हालांकि कब होगा और इसके लिए वार्ता कब होगी।
इस पर किसी ने कुछ भी कहने से परहेज किया। बैठक के बाद जदयू और भाजपा के दोनों नेता सिर्फ यही बताने में जुटे थे कि एनडीए में सब कुछ ऑल इज वेल है और बिहार में एनडीए की सरकार 5 वर्षों तक मजबूती के साथ चलेगी। हम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जीतन राम मांझी की नई डिमांड पर भी जदयू ने जवाब दिया। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि सभी घटक दल के शिर्ष नेता बैठकर इस पर फैसला करेंगे। दरअसल, मांझी ने मंत्रिमंडल में एक सीट और विधान परिषद में एक सीट की डिमांड की। जदयू और भाजपा के शीर्ष नेताओं की मुलाकात पर सियासत भी तेज हो गई। राजद नेता शक्ति यादव इस मुलाकात पर चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार में भाजपा का दबदबा कैसे बना रहे, इसलिए बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह से मुलाकात की। जदयू और भाजपा के लोग कितनी भी मुलाकात कर तालमेल बनाने की कोशिश करें, लेकिन सबकुछ ठीक होने वाला नहीं है।